कॉम्पिटेटिव एक्जाम या सोशल मीडिया (HPSSC & HPRCA 2026)



 क्या Competitive Exams अब Social Media Competition भी बन चुके हैं?





Hpssc/Hprca कॉम्पिटेटिव एक्जाम में होने वाली डिस्ट्रक्शन



क्या आप भी जानते हैं आप अब कंपटीशन कॉम्पिटेटिव एग्जाम्स के साथ-साथ , अब विद्यार्थी सोशल मीडिया पर अभी कर रहे हैं और वह भी अपने-अपने स्कोर बताकर कर या अपने महंगे महंगे स्टडी के गैजेट्स बताकर कर मैं बहुत से स्टूडेंट्स को देख रहा हूं रील या यूट्यूब पर एक तरह का दिखावा कर रहे हैं कि हम कब पढ़ रहे हैं कि किस पर पढ़ रहे हैं महंगे महंगे इंस्टिट्यूट में जा रहे हैं, यह सब बातों पर चर्चा करेंगे कि यह कहां तक सही है।


क्या बदलाव हुए हैं सोशल मीडिया से पढ़ाई पर :


📲 इस समय मैं कुछ बहुत से बदलाव देखे हैं सोशल मीडिया आने से जैसे की कुछ चीज बताता हूं आपकों जो मैंने देखी विद्यार्थियों में ; पहली बात तो कुछ विद्यार्थी रिल या शॉर्ट वीडियो से टिप्स लेते हैं या पढ़ाई करते हैं उन्हें स्क्रोल स्क्रोल कर कर के उनमें से ही पढ़ते हैं, और स्टडी Vlogs देखते हैं यह कौन कैसे पड़ता है और वह कैसे तैयारी करता है, वस उनकी दिनचर्या ही देखते रहते हैं, और उन्हीं से ही टेंपरेरी मोटिवेशन पैदा कर लेते हैं अपने दिमाग में; यह सब चीज मैं उनको बताता हूं यह सिर्फ आपको टेंपरेरी मोटिवेशन ही देती है और ज्यादा लंबे समय तक आप पढ़ने नहीं बैठ सकते क्योंकि यह आपके धैर्य को कमजोर करता है। यह मेरा मनना है।


🔺 मैं वस यही सोचता रह गया कि यह कैसा बदलाव है पर्सनली मुझे यह चीज अच्छी नहीं लगी, यह सोशल मीडिया का सही इस्तेमाल नहीं है पढ़ाई के नजरिए से, बल्कि आप पढ़ाई को छोड़कर सोशल मीडिया के आदि हो रहे हैं।



🔸 लॉकडाउन के पहले का सोशल मीडिया और लॉकडाउन के बाद का सोशल मीडिया क्या अंतर आया है ❓



आजकल के युवाओं को एक ही बात कहता हूं देखिए चीजें आसान तो जरूर हुई है, पर आप उसे किस काम पर इस्तेमाल कर रहे हैं वह ज्यादा महत्वपूर्ण है, और यही चीज में बताने आया हूं‌ अपने विद्यार्थीयों को कुछ बताता भी हूं जैसे की ;


• लॉकडाउन के पहले ज्यादातर विद्यार्थी किताबों तक ही सीमित रहते थे ज्यादा सोशल मीडिया का उपयोग उनकी दिनचर्या में नहीं था , यह स्पष्ट होकर इसलिए कह रहा हूं क्योंकि तब मैं खुद भी लॉकडाउन के पहले एग्जाम की तैयारी में ही व्यस्त था। 

• लॉकडाउन के बाद की बात की जाए तो अब हर कक्षा के विद्यार्थी के पास अपना एक स्मार्ट डिवाइस और स्मार्टफोन है तो अब खुद अंदाजा लगा सकते हैं आप की सोशल मीडिया का असर उन पर कैसा पड़ा है की सब अपने स्टडी Routines और कई तो अपने स्टडी रूम के Tour देते हैं मैं खुद यह आजकल देखा है किसी इन्हीं चीजों की बात कर रहा हूं कैसे एक दूजे विद्यार्थियों में दिखावे की पढ़ाई हो रही है 


और आखिर में यही सवाल आ जाता है कि सोशल मीडिया अच्छा है या बुरा और मैं यही जवाब देता हूं और विद्यार्थी को और उनके माता-पीताओं को कि आप स्मार्ट डिवाइस स्मार्ट फोन में जब तक आप से ही मुकाम पर पहुंचने जाते तब तक आप सोशल मीडिया से जितना हो सके दूरी ही बनाए रखें यह बहुत ही बड़ी डिस्ट्रक्शन मानता हूं मैं।


क्या आप भी इनमें से कोई गलती करते हैं?


अब मैं आपको कुछ नीचे कुछ गलतीयो लिखूंगा जो विद्यार्थी रील या यूट्यूब के वीडियो देखकर अपने आप को कंपेयर करने लगता है या हर दिन नए-नए तरीके ढूंढता है 


👁️‍🗨️ Topper विद्यार्थी की बार-बार स्ट्रेटजी को अपने साथ तुलना करना।


👁️‍🗨️ शॉर्ट्स वीडियो से टेंपरेरी मोटिवेशन लेकर 


👁️‍🗨️ स्टडी वीडियो को सिर्फ देख कर छोड़ देना 


👁️‍🗨️ हद से ज्यादा सिर्फ वीडियो पर ही निर्भर रहना।


❕ अगर आप अभी भी इन्हीं गलतियों को दोहरा रहे हैं कि आपका बच्चा अगर माता-पिता अपने बच्चों पर गौर करते है तो आप देखते हैं कि बच्चा इनमें से कुछ गलतियां कर रहा है तो आप उन्हें भविष्य में न दोहराने के लिए समझा सकते हैं या उन्हें यह सब करने से रोक सकते हैं क्योंकि इनमें से एक-दो साल खुद भी ऐसी गलती हुई है भी हुई , तब मुझे समझने के लिए कोई नहीं था ना इतनी गाइडेंस थी, तभी मैं आपकों सावधान करता रहता हूं इन गलतियों से।

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